gareeb tha fakeer tha kalandar tha bo - मारूफ आलम

gareeb tha fakeer tha kalandar tha bo     मारूफ आलम     ग़ज़ल     दुःखद     2021-09-22 09:57:17     #kalandar shayari#maroof shayar#gajal#dard bhari gajal     1068        
gareeb tha fakeer tha kalandar tha bo

गरीब था फकीर था कलन्दर था वो
जो भी था दिल का सिकंदर था वो

न नदी था न पोखर था न दरिया था 
दूर तलक़ फैला हुआ समंदर था वो

कहीं भी मुकाम मुकर्रर न था उसका 
ना बाहर था ना दिल मे अंदर था वो

फिर क्यों उसके आने से सन्नाटा था
ना तूफान था ना कोई बवंडर था वो

ना फरिश्ता था ना शैतान था"आलम"
कुछ नही था फकत आडम्बर था वो
मारूफ़ आलम

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