भारत की नारी - Chetna

भारत की नारी     Chetna     कविताएँ     देश-प्रेम     2021-09-22 11:23:09         4505        
भारत की नारी

गूंजी थी सन् सत्तावन में जो
 फिर वह आवाज जगानी है
 भारत की नारी कमजोर नहीं
        दुर्गा है ,मर्दानी है 
चूड़ी हों कंगन हों चाहे हाथों में हो मेहंदी 
इन हाथों से ही फिर तलवार उठानी है भारत की नारी कमजोर नहीं 
        दुर्गा है ,मर्दानी है 
 सावित्री बन प्राण पति के बचा रही 
हैवानों के हाथों अस्मत अपनी बचा रही अब अस्मत बच्चियों की बचानी है 
भारत की नारी कमजोर नहीं 
       दुर्गा है मर्दानी है
 बेटियों को आज लाठी, तलवार सिखानी है  परियों ,गुड्डे गुड़ियों कि नहीं  कहानी वीरांगनाओं की सुनानी है 
भारत की नारी कमजोर नहीं
         दुर्गा है मर्दानी है।

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