आसुओं की जबानी - Shubhashini singh

आसुओं की जबानी     Shubhashini singh     कविताएँ     अन्य     2021-09-22 10:54:16     Google /Yahoo/Bing जिसमे छुपी होती है हजारों कहानी आसुओं की जुबानीइस आंसू में छुपे होते है हजारों भावनाएंकभी ये खुशी के होते है तो कभी ये गम के होते हैकभी ये आैरो के लिए होते हैतो कभी ये अपनो के लिए होते हैये आंसू निकलते भी तब है जब हमारे दिलो में दर्द छुपे होते हैकभी ये अपनों ने दिए होते हैतो कभी बेगानों ने ये है आसुओं की जुबानीजिसमे छुपी होती है हजारों कहानी.....     4240        
आसुओं की जबानी

जिसमे छुपी होती है 
हजारों कहानी 
आसुओं की जुबानी
इस आंसू में छुपे होते है 
हजारों भावनाएं
कभी ये खुशी के होते है 
तो कभी ये गम के होते है
कभी ये आैरो के लिए होते है
तो कभी ये अपनो के लिए होते है
ये आंसू निकलते भी तब है 
जब हमारे दिलो में दर्द छुपे होते है
कभी ये अपनों ने दिए होते है
तो कभी बेगानों ने 
ये है आसुओं की जुबानी
जिसमे छुपी होती है 
हजारों कहानी.....
                                सुभाषिनी सिंह

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