आसान नहीं - Chetna

आसान नहीं     Chetna     कविताएँ     दुःखद     2021-09-22 11:32:55         4578        
आसान नहीं

आसान नहीं खुद से लड़ना
 अपनी उम्मीदों से झगड़ना 
आशाएं बढ़ती हैं जब जिंदगी से
 तब होता है खुद से रूबरू पढ़ना
 टकराते हैं ख्वाब जब भी 
हकीकत के पत्थरों से 
तब टूटते हैं बिखरते हैं पर
 जीना पड़ता है समेट कर खुदको 
आसान नहीं यूं जीना यूं मरना
 आसान नहीं खुद ही खुद से लड़ना
 लड़ते जा रहे हैं हालातों से 
बढ़ते जा रहे हैं जिंदगी में 
हराकर नाकामयाबी को 
हम हारे हमेशा अपनों से 
आसान नहीं मन ही मन रोना 
आसान नहीं यू रोना यूं हंसना 
आसान नहीं आसानी से आगे बढ़ना आसान नहीं खुद ही खुद से लड़ना।

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