ये महंगाई की कैसी मार - Vijay singh

ये महंगाई की कैसी मार     Vijay singh     कविताएँ     हास्य-व्यंग     2022-08-14 14:37:25     मेरा नाम युवराज सिंह है मेरी उम्र 14 साल है। मुझे कहानीयां व कविताएं लिखना बहुत ही पसंद है, इस हास्य कविता मैं देश की महंगाई की हालत बताई गई है। तो इसका शीर्षक होगा- ये महंगाई की कैसी मार।     35225           

ये महंगाई की कैसी मार

ये महंगाई की कैसी मार
 न ऊंचाई न आधार

कब आलु प्याज सोने सम बन जाएं
न जाने सोना कहां बिकवन आए
हीरे का तो न कोई पार,
ये महंगाई की कैसी मार
न ऊंचाई न आधार

प्याज से ज्यादा इसकी किमत रुलाए
अमीर क्या? गरीब क्या? सब इसमें  फस जाए
ये ह्रदयाघात देती बार-बार,
ये महंगाई की कैसी मार
न ऊंचाई न आधार

अब क्या लोग रेत से नहाएंगे
खाने में भी कंकङ-पत्थर खाएंगे
ना इसका कोई उपचार,
ये महंगाई की कैसी मार
न ऊंचाई न आधार

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