बहुजन - Amit kumar

बहुजन     Amit kumar     कविताएँ     राजनितिक     2022-10-05 23:41:33     बहुजन     65826           

बहुजन

           बहुजन
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डर -डर कर तुम मत जिओ
तुम ही तो बलवान हो,
तुम्हारे पूर्वज बलशाली है|
ऐसे वीरो की संतान  हो ||

झुकना नही झुकना सीखा,
सही बात मनवाना सीखा|
प्रखर विद्वान, प्रखर योद्धा,
देश का संविधान बनाना सीखा ||

शाहू, पेरियार, फूले ,फातिमा,
थे अशोक महान ||
ललई यादव,जगदेव कुशवाहा,
तुकाराम, बुद्ध,कबीर,  को जाने 
पूरा जहान ||

देश की खुश्बू, देश की हीरा को,
दुनिया ने गले लगाया  है |
मानवता और बंधुत्व का,
परचम विश्व मे लहराया  है ||

तोड़ दिया कमर ब्राह्मणवाद का,
ऐसे  पूर्वज  हमारे  थे |
गाँधी, नेहरू,सरदार पटेल,
ये सभी डॉ भीम के सहारे थे ||

मत रोको बहुजन कारवां को,
न्याय व्यवस्था को लाना है |
शोषित-वंचित लोगो का ,
हक -अधिकार दिलाना है ||

कलम से--
              अमित रंजन
              मड़ही ,गाजीपुर(यूपी)

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