नवीनतम कविताएँ

मैं समय हूँ
Anany shukla
मैं समय हूंँ। मैं हूं सबके पास, पर किसी का भी नहीं हूंँ मैं समय हूंँ। मैं वही हूंँ, जिसने राजा को बनवास दिला डाला मै
87000
Date:
06-10-2022
Time:
06:58
जिंदगी से तू ना भाग जिंदगी तुझे बुलाती है
Kirti singh
जिंदगी से तू ना भाग जिंदगी तुझे बुलाती है परिस्थितियों मे तू उलझा क्यों परिस्थितियों से भागता है क्यों उठ जाग परिस
87018
Date:
06-10-2022
Time:
06:54
बेटी के विदाई के बाद
Kirti singh
जग लड़की की विदाई हो जाती है तब एक वक्त ऐसा भी आता है कि उसके घर का गेट दुनिया भर के लिए खुला रहता है लेकिन उसके लिए खु
87013
Date:
06-10-2022
Time:
06:57
कटु सत्य
Kirti singh
जब आप ऊंचाइयों का शिकार चढ़ते हो तब दूर के लोग ताली बजाते हैं और पास के लोग आपके गिरने का प्रार्थना करते हैं और जब आप
87007
Date:
06-10-2022
Time:
06:57
कटु सत्य
Kirti singh
समाज में तो लोग हैसियत देखकर चरित्र प्रमाण पत्र दिया करते हैं अक्सर हैसियत वालों का चरित्र प्रमाण पत्र बिल्कुल सा
87002
Date:
06-10-2022
Time:
06:49
कटु सत्य
Kirti singh
जब हम गरीब होते हैं तो हमारे अंदर लोग लाख बुराइयां गिनाते हैं और जब हम अमीर हो जाते हैं तब लोग गिनती भूल जाते हैं और ह
87007
Date:
06-10-2022
Time:
07:00
वरिष्ठ नागरिक का जीवन
चंद्र प्रकाश
वरिष्ठ नागरिक जीवन गति उदगार बताने, याद दिलाने, , ठहरी जिन्दगी को गति देने आया हूँ II आँखों की लुप्त हुई
87007
Date:
06-10-2022
Time:
07:00
बचपन
Anany shukla
बचपन आज यह सोच रहा कहाँ खो गया आज वो खुद अपने को खोज रहा बस्तो के नीचे दबा हुआ सोने के समय जगा हुआ भाग दौड़ के इस समय म
86982
Date:
06-10-2022
Time:
04:03
एक समय था
Anany shukla
एक समय था जो मैंने तुमसे कहा था बदल लेंगे वो सारी चीजें जो हमने सहा था एक समय था जो मैंने तुमसे कहा था शाम आज की भले
86990
Date:
06-10-2022
Time:
06:40
कविता (आज बचा कुछ भी नहीं )
Sunil suthar
कविता (आज बचा कुछ भी नही) थोङे ख्वाब ,थोङी हकीकत, थोङे सवाल, थोङे जवाब, समझने-समझाने मे गुजर गई उम्र सारी, आज बचा कुछ
5
Date:
06-10-2022
Time:
05:35
कविता (सत्ता )
Sunil suthar
सत्ता... (कविता ) 1.कागज छुती न कलम उठाती,है इसे कुर्सी पर बैठे रहने की बिमारी, 2.हां...है अंधी ,गूंगी, बहरी और लंगङी,है इ
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Date:
06-10-2022
Time:
03:03
कविता (बेरोजगार कि आवाज...)
Sunil suthar
(कविता) बेरोजगार की आवाज .... गांव गली शहरो मे चर्चे आम हो जाए, सत्ता धारी द्वार खोले तो हम तेरे हो जाए, तुम्ही हो भाष
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Date:
06-10-2022
Time:
04:21