# दिल्ली होगा कब्जे में ...... - चिन्ता netam " मन "

# दिल्ली होगा कब्जे में ......     चिन्ता netam " मन "     कविताएँ     राजनितिक     2022-07-03 17:32:02         50933           

# दिल्ली होगा कब्जे में ......

# दिल्ली होगा कब्जे में.....

इधर-उधर सिर हिलाते
बड़ी अदा से हाथ मटकाते ,
करते दो टके की नेतागिरी 
देते हैं झूठे आश्वासन ........!
         
              ***
लायची दबाए मुंह बिचकाते ,
गप्पेँ भरे जुमलेबाजी
लंबे- लंबे फेंके ये ,
लिखा कोरा भाषण .........!

              ***
बेवकूफ बनाना 
फितरत इनकी ,
इन्होंने किया सिर्फ ,
देश का शोषण ...!

              ***
महंगाई ,अराजकता ,
चारों ओर फैलता 
हो रहा अब तो ,
सेना का राजनीतिकरण ...!

              ***
बहुत हो चुका इनकी गोटी ,
सेंके इन्होंने अपनी रोटी
बंद कर दो इनके दरवाजे ,
जिसने देखें अपने फायदे ....!

              ***
देश के युवाओं को ,
बंद करो गुमराह करना
एक ना एक दिन ,
आफत आ जायेगी वरना ...!
               
              ***
जोश से भरे नौजवानों,
मेरे देश के कर्णधारों
देश , काल , परिस्थिति को ,
अब तो तुम विचारों ...!

              ***
जिस दिन तुम युवा ,
पूरी शक्ति से
आ गए भर हुंकार 
अपने जज्बे में ...! 

              ***
नेता छोड़ेंगे राजधानी
रहेंगे सब सदमें में
तब सारा दिल्ली होगा ,
तुम्हारें कब्जे में .....!

चिन्ता नेताम " मन "
नगर पंचायत डोंगरगांव
राजनांदगांव ( छत्तीसगढ़ )

Related Articles

मेरी कमी क्या तुझको खलती है
Amrita shrivastav
मेरी कमी क्या तुझको खलती है मेरी याद क्या तुझको कभी आती है मै क्या तेरे ख्यालों मे आती हूँ उस पल की याद आती हैं जो प्
19686
Date:
03-07-2022
Time:
22:33
तुज बिन
अशोक दीप
तुझ बिन मेरा ठाँव कहाँ है तुझ बिन मेरा ठाँव कहाँ है ? अनजाना पथ धूल धुआँ है भटकाने को रात जवां है देख मुझे बाँ
55600
Date:
03-07-2022
Time:
23:30
लहरों से लड़ने वाले हम
Shubhashini singh
लहरों से लड़ने वाले हम हर मुश्किलों से बाहर निकलने वाले हम जहां चाह हो वहां राह खोजने वाले हम जज़्बा हैं जुनून है
19161
Date:
03-07-2022
Time:
23:14
Please login your account to post comment here!