गरीब - Kanhaiya Bharatpur

गरीब     Kanhaiya Bharatpur     कहानियाँ     अन्य     2021-09-26 14:24:58     Kanhaiya gujjar Bharatpur     22724        
गरीब

लड़के ने लिफाफा फेंक कर निराश मन से आगे बढ़ा और तभी उसकी नजर एक पेड़ के नीचे बैठे आदमी पर पड़ी।

वह लड़का थककर उस पेड़ के नीचे आदमी के पास जाकर बैठ गया ।लड़के ने देखा कि वह भी उसकी तरह गरीब आदमी है जो पेड़ के नीचे बैठा था, तब लड़के ने अपनी तरह ही दैनिक स्थिति देखकर उससे बातचीत की और उसे अपनी स्थिति सुनाई फिर उस व्यक्ति ने अपने खाने के हिस्से में से कुछ उस लड़के को दिया और दोनों खाने लगे इससे साफ दिखाई देता है, कि अगर इंसान अमीर होने के बावजूद वह गरीब है अगर इंसान दिल से अमीर होता है,

वह गरीब है, तो उसके पास सब कुछ है कहने का मतलब है कि एक गरीब आदमी सब की तकलीफ को समझता है। क्योंकि उसके अंदर किसी भी बात की चाह नहीं होती है इसलिए वह सबको अपने जैसा समझता है, और बिना किसी स्वार्थ के सब की मदद करता है ।यहां पर मैं ऐसा नहीं कहना चाहता हूं कि सब अच्छे या बुरे होते है पर इंसानियत ही सबसे बड़ी दौलत है ।आखिरी हम सब एक ही तो हैं, जरूरत पड़ने पर हमें सब की मदद करनी चाहिए क्योंकि हमें भगवान ने उनसे अच्छा बनाया है जिनको रात में सोने को छत भी नसीब नहीं होता है ।व्यक्ति अपने व्यवहार से अमीर होता है।"

तुम्हारा चेहरा एक मुस्कान दे सकता है तुम्हारा मुंह किसी की प्रशंसा कर सकता है तुम्हारे हाथ किसी को जरूरतमंद की सहायता कर सकता है तुम कहते हो कि तुम्हारे पास कुछ नहीं है क्योंकि आत्मा की गरीबी वास्तविकता गरीबी होती है पाने का हक उसी को है जो देना जानता है" जो व्यक्ति किसी दूसरे के चेहरे पर हंसी और जीवन में खुशी लाने की क्षमता रखता है ईश्वर उसके चेहरे से कभी हंसी और जीवन मैं खुशी कम नहीं होने देता है, हाथों का सच्चा आभूषण ही दान है ।यह एक संदेश है कि जरूरतमंद लोगों की मदद करे' अमीर दिल से और इंसानियत से बने पैसों से नहीं।

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