बूढ़ी मां - सरोज कसवां

बूढ़ी मां     सरोज कसवां     कहानियाँ     दुःखद     2022-05-24 23:35:00         53011           

बूढ़ी मां

काव्या अपनी रोज की रूटीन से ही कोचिंग क्लास जा रही होती है !  
       तभी उसे एक रास्ते पर ही छोटा सा घर जिसमें एक वृद्ध महिला पर नजर पड़ती है 
  अब रोज काव्या उस महिला को देखती ओर देखती की वो उस घर में सिर्फ अकेली ही रहती है और कोई नजर नहीं आता था उस घर में    !! 
                    एक दिन काव्या उस महिला के पास जाती है और बाते करने लगती है उनके बारे में सब कुछ जानना चाहती है  बूढ़ी मां बताती है में अकेली ही रहती हूं घर में दो बेटे थे एक वकील और फौजी ,,,, वकील अपनी पूरी फैमली k साथ शहर में रहता है ओर फौजी कुछ वर्ष पहले भारत मां के लिए शहीद हो गया अब बीवी बच्चे भी शहर में चले गए ,!!  

  अब काव्या रोज उनके पास जाकर उनको gav का माहौल के बारे में बताती रहती है 
     एक दिन काव्या देखती है कि वो खाना सिर्फ  पानी k साथ रोटी खा लेती है 
            ये देखकर काव्या अपने घर से रोज लस्सी ला देती थी बूढ़ी मां भी खुश हो जाती थी 
 ओर काव्या को भी सुकून मिलता था !!
 ऐसे कुछ दिन  बीत गए  


एक दिन सुबह काव्या देखती है कि  बूढ़ी मा के घर में  लॉक लगा है और वो भी नहीं है 
घर के बगल वालो को पूछती है तो पता चलता है रात को लाईट चली जाने k बाद वो गिर पड़ी और उनकी मौत हो गई  
काव्या रो पड़ती है और वहां से चली जाती है 




         सरोज कसवां

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