नवीनतम ग़ज़ल

उसका नाम
राहुल गर्ग
संमुदर पायाब हो गये और नदियाँ उफान पर है पर अभी तक उसका नाम मेरी जबान पर है  उसने अपने तरकस के सारे तीर छोड़ दिये म
33609
Date:
25-05-2022
Time:
00:47
आगाज़
Ramu kumar
आइए बैठकर कुछ बात किया जाए' दिले कशमकश को समाप्त किया जाए! दूरियां नजदीकियां कुछ भी नहीं रहा' अब एक नई मंजिल त
32292
Date:
25-05-2022
Time:
00:24
यह कर पाओगे क्या
Ritu
कुछ बताना है तुम्हें मेरे बिना बोले सुन पाओगे क्या इश्क होने का दावा करते हो तुम अगर मैं कभी मजबूर हुई तब अकेले नि
32317
Date:
24-05-2022
Time:
23:48
महोब्बत
Santoshi devi
कल्पनाओं में सफर सभी करते हैं। लेकिन मायने हकीकत के होते हैं।। बाजार में हर एक चीज बिकती हैं। मोल-भाव वहाँ जरूरत
32310
Date:
25-05-2022
Time:
00:44
जिंदगी से बिछड़ गए
Poonam Mishra
जो जिंदगी मुझसे बिछड़ी, मैं भी किसी की ना रही | बिछड़ के जिंदगी से जिंदगी, जीने का सलीका ना रहा| अचानक जिंदगी से नि
30886
Date:
25-05-2022
Time:
00:36
रिश्तेदार
Krishan kumar
आधे से ज्यादा रिश्तेदार धोखेबाज होते है, चहरे पर उनके नकाब होते है, मुसीबत मैं ही रिश्तेदारों के पहचान होते है
28871
Date:
24-05-2022
Time:
23:37
अधूरी मोहब्बत
Ramu kumar
कुछ बात अधूरी है' मुलाकात अधूरी है! दुनिया के नजरों में' तालुकात अधूरी है! थोड़ी सी रहम कर दे' इस दिल को नर
32325
Date:
25-05-2022
Time:
00:49
माँ
Santoshi devi
तुम सा बढ़कर ओर नहीं। मिलता कोई छोर नहीं।। खिलती अब जो देख सकू। आँगन तुम सी भोर नहीं।। हँसता जीवन छाँव तले। ऐसी म
34878
Date:
25-05-2022
Time:
00:52
जिंदगी को जीने के बहाने मिले हैं
Poonam Mishra
जिंदगी को भी कोई वजह मिल गई है न जाने वक़्त ने यह कैसे जीने के बहाने दिए हैं कभी जिनके गलियों से गुजरने के बहाने
24103
Date:
25-05-2022
Time:
00:49
मां
Saurabh Shukla
रिश्तों का क्या , उस फरिश्ते से रिश्ता हैं ना खोज ले तू सारे जमाने में , मां से बड़ा कोई फरिश्ता है क्या ! बिना मतलब
34878
Date:
25-05-2022
Time:
00:52
क़भी वापस ना आऊँगा मैं
Surendra Yadav
चाहता हूँ कही दुर चला जाऊँ मैं जहां कोई ना अपना हो बस अपना एक प्यारा सामठ होगा जहां मै और उसकी यादों रहेंगी उसकी त
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Date:
24-05-2022
Time:
23:28
गजल--नजर से नजर मिला नहीं सकते
Mohan pathak
ग़ज़ल नजर से नजर मिला नहीं सकते, जब खुद की नजरों से गिर गए। झूठी शान शौकत की जादूगरी से, बजूद अपना ही मिट
18831
Date:
25-05-2022
Time:
00:21