नवीनतम ग़ज़ल

दुवां
Gayatri yadav
वक्त गुजरे मंजिल रही खाली खुदा तुही मेरा पेगांम, यू हम ठेहरे मुसाफिर तेरे
44
Date:
06-10-2022
Time:
07:08
कितना रोना बाक़ी है
आकाश अगम
रो रो के जिये हैं आज तलक और कितना रोना बाक़ी है अच्छे के लिए होता है सब फिर कितना होना बाक़ी है। इस दुनिया में वो नीर
37
Date:
06-10-2022
Time:
06:14
जरूरत ही नहीं है
Poonam Mishra
कुछ कमी रह गई थी शायद मेरे प्यार में जिसका कभी मैंने इंतजार किया था मैंने हर गली मोहल्ले में अब न जाने क्यों दिल
83980
Date:
06-10-2022
Time:
05:32
जीवन कहां ठहरता है
Poonam Mishra
संघर्ष भरे इस जीवन पथ पर क्यों इतने हम मौन खड़े हैं कुछ पत्तों के गिरने भर से पेड़ कहां सूखेi होते हैं जीवन में य
83962
Date:
06-10-2022
Time:
05:30
जीना चाहती हू
Poonam Mishra
मैं निकल चुकी हूं जीवन के इस पथ पर बहुत आगे तक अब मेरा पीछे मुड़ कर देखना बहुत मुश्किल है मैं टूट चुकी हूं दिल से
83940
Date:
06-10-2022
Time:
05:19
🙏 जय दुर्गा जय हिन्द वत्तन... ✍️
Amit Kumar prasad
त्तद् धूम, त्तन्नन धूम, त्त्त्त त्त्तथई त्तथई, त्त्तत्त्तथई, त्त्त धिनक त्त् धिन्नन, त्त्त धीन धीन धीनक ध् धीन धीन
80244
Date:
06-10-2022
Time:
06:37
मेरे देश की धरती
Prince longwal
यह मेरे देश की धरती है,मत करो इसे खराब अब बदलना है अपने आप को, पूरे करने है वे ख्वाब देखे थे जो हमने कभी लेकिन छुआ नही
78097
Date:
06-10-2022
Time:
06:58
ईमान है महंगा
Irfan haaris
दो वक्त की रोटी से कुछ बढ़के नहीं देखा मुफलिसी ने चांद को जी भरके नहीं देखा ईमान है महंगा मेरा शायद कहीं बिक जाए ले
74631
Date:
06-10-2022
Time:
05:58
गज़ल
Lalit Kumar Yadav
रात अंधेरी है, कोहरा घना है। हर शक्सियत यहां, डरा डरा है। तेरे तवज़ुम सा, करार छा गया । लो मैं ,हुबहुँ आ गया। कैसी
73931
Date:
06-10-2022
Time:
06:37
संभाला था मैंने
Ranjana sharma
संभाला था मैंने बहुत अपने दिल को मगर ए संभाले संभलता नहीं है बताएं भी कैसे उन्हें अपने दिल की वो नजरे हमसे मिलाता
73714
Date:
06-10-2022
Time:
06:02
सुनो ना मुझे तुमसे ऐसी मोहब्बत है!
firdousjahan
जब दर्द तुम्हें होता है ...! तो आंसू मेरे निकलते हैं!!! जब उदास तुम होते हो..! तो दुनियां मेरी विरान होती है!! जब परेशान
73464
Date:
06-10-2022
Time:
06:24
देशभक्ति और देशप्रेम
Prince longwal
देश को ही नहीं, पूरे विश्व को बताना हैं हम वासी हैं भारत के, सबको नींद से जगाना है कर देंगे कुछ ऐसा कि होगा सबसे अलग न
72062
Date:
06-10-2022
Time:
06:05