नवीनतम धार्मिक रचनाएँ

मत खोल निगाहें ओ रब्बा,
Karuna bharti
मत खोल निगाहें ओ रब्बा, देखने को जी नही है चाहता ना हो दोबारा मनुष्य मे जन्म, ये संसार है बुराईयो का मारा
37679
Date:
24-05-2022
Time:
23:18
गिरधर गोपाल
Kedaramin
जय श्री राधेकृष्ण पेज-1. , ,,गिरधर ,, लेखक- केदार अमीन , (log line) भगवान् श्री राधा कृष्ण के भक्त की बनती बि
36930
Date:
24-05-2022
Time:
23:33
किस्मत और कर्म(दोहा)
Vijay singh
दोहा- किस्मत के पन्ने खोखले, लिख तु कर्म मसि लेत। अधर्म सुं दुख अपार है, सद्कर्म सु फल देत।
35818
Date:
24-05-2022
Time:
23:13
किस्मत वालों को तेरा प्यार मिलता हैं
Chanchal chauhan
किस्मत वालों को तेरा प्यार मिलता हैं।तेरी भक्ति वो निखरता हैं। जिस पर करती हैं मां कृपा, उसका घर खुशियों से भरता ह
34966
Date:
24-05-2022
Time:
23:26
कर्म निष्ठा से पूर्ण होते काम
Vijay singh
हिम्मत से ताकत मिले, कर्म निष्ठा सांठे काम। चांद इशारे गोरी ने भेद्यो, पृथ्वी के राज उहें सटीक नाम।। अनुवाद- हिम्
34182
Date:
24-05-2022
Time:
23:14
दुराचारी
SANTOSH KUMAR BARGORIA
चरित्रवान भला वो कैसे, भला कैसे वो स्वाभिमानी थे । जिसने धोखे से हरण की हो सीता, भला कैसे वो महाप्रतापी थे ।। जिसन
33407
Date:
24-05-2022
Time:
22:46
भक्त नामदेव प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह
Karan Singh
भक्त नामदेव प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह *कन्धे पर कपड़े का थान लादे और हाट-बाजार जाने की तैयारी करते ह
1666
Date:
24-05-2022
Time:
23:16
जन्मों का कर्ज
Karan Singh
✍🏻प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर......करण सिंह💐 *आज की प्रेरक रात्रिकालीन कहानी *जन्मों का कर्ज*
32259
Date:
24-05-2022
Time:
23:27
ईश्वर का स्वरूप
SANTOSH KUMAR BARGORIA
भले ये बात लगे अटपटी तुम्हें, पर सोलह आना ये सत्य है । हम जिसे ढूँढ रहे मंदिर मस्जिद, बसे वो मात पिता के चरण रज है ।।
29308
Date:
24-05-2022
Time:
23:38
रामराज्य
Karan Singh
रामराज्य 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर......करण सिंह💐 *🚩श्री राम जी के गुण🙏🏻* *🚩आइये सत्संग करते है, प्रभ
28732
Date:
24-05-2022
Time:
23:18
मां ममता की मूरत होती हैं
Chanchal chauhan
ममता की मूरत होती हैं मां, मां जैसा होता नहीं कोई, अपने आंचल में छिपातये रखती हैं, हर तपती धूप कष्टों से बचाती हैं, म
28744
Date:
24-05-2022
Time:
23:39
सबरी के राम
कवि राजवीर सिकरवार
कवित्त रामायण- (अरण्य काण्ड समाप्त ) """""""""""""""""""""""""""""""''''''''''''''''''''
28624
Date:
24-05-2022
Time:
21:57