नवीनतम देश-प्रेम रचनाएँ

आया फिरंगी आया
Krishan kumar
आया फिरंगi आया, लूटा दोनो हाथों से ।। तब आई लक्ष्मी बाई, स्वतंत्रता की पहली चिंगारी थी उसी ने जलाई। मंगल पांडे ने प्
35805
Date:
24-05-2022
Time:
23:19
देश का सम्मान
राहुल गर्ग
बदलते हुए माहौल का आगाज करता हूँ युवाँ हू देश का सम्मान करता हूँ देखा है देश को आर्थिक तंगी से जूझते देखा है खिलाड
246
Date:
24-05-2022
Time:
23:36
विश्व शांति दिवस पर कविता-तु हार मानेगा नहीं
Rambriksh, Ambedkar Nagar
विश्व शांति दिवस पर लिखी कविता-तू हार मानेगा नहीं उठ रहीं नभ में शिखाएं जल रही मंडल दिशाएं खुद लगाकर आग जलता दुष्
1403
Date:
24-05-2022
Time:
23:35
शूरवीर
Anshika Agrawal
खेला कल जिस माटी पर लहू से अपने उसे रोशन करने आया है। आंखो का बन मोती चमकने आया है। 'शूरवीर' है! वीरों के भांति आया
18210
Date:
24-05-2022
Time:
22:21
🤝 হীন্দুস্তান নমন 🙏
Amit Kumar prasad
এই হৃদযের বন্দনী, শৈল নন্দীনী কর্ম রাজ কে পূন্য ধরা! জার পবিত্র জলাশ্যো অদ্রীড় গীরী, কল্প বৎসর দিযে করছে রক্খা!!
7848
Date:
24-05-2022
Time:
22:48
साम्प्रदायिकता का समाधानःः
virendra kumar dewangan
सांप्रदाकियता के समाधान के लिए तुष्टीकरण, वोटबैंक व भड़काऊ राजनीति करनेवालो की पहचान कर उन्हें कठोरतम दंड देने
7455
Date:
24-05-2022
Time:
23:34
दुनिया में हिंदी
virendra kumar dewangan
हिंदी न केवल भाषा है, अपितु संस्कृति का संवाहक भी है। हिंदी से जुड़ना, मतलब भारत की पांच हजार साल पुरानी संस्कृति स
7464
Date:
24-05-2022
Time:
23:33
सांप्रदायिकता के कारण और परिणाम
virendra kumar dewangan
1. अपना धर्म छोड़कर दूसरे धर्मावलंबियों को हेय दृष्टि से देखना। दूसरे के कर्मकांडों व क्रियाकलापों पर तीखी टिप्पणि
7527
Date:
24-05-2022
Time:
23:27
मेरा ताज
नरेंद्र भाकुनी
पृष्ठ टटोले कितने बार ये बतलाने आया हूं। सुंदर से प्राचीर दीवारें आज जगाने आया हूं। सात अजूबे इस दुनिया में ला
6817
Date:
24-05-2022
Time:
22:19
आखिरी फांसी की रात
नरेंद्र भाकुनी
फांसी की रात जोकि बहुत दुखदाई होती है लेकिन ऐसा वो वीर जिनको मरना मानो  सहज  लगता हो । पर फक्र है हम आजादी के लिए म
5306
Date:
24-05-2022
Time:
22:43
👉 হিন্দী - হীন্দু - হীন্দুস্তান ✍️
Amit Kumar prasad
এই নিষ্ঠা প্রকাশমযী, না মিঢী কখনো, ভারত তে! রাষ্ঢ্রিযতা জাহার রাজ ধর্ম, মানূষ, মানূষ্তার হৃদয - হৃদয!! কর্ম
1002
Date:
24-05-2022
Time:
22:56
पुकारती मां भारती
संतोष सिंह क्षात्र
सुनो देशवासियों काम ऐसा चंद करो। पुकारती मां भारती, अराजगता अब बंद करो।। जयचंद और विभिषणों के मंसूबे अब कुंद करो
4498
Date:
24-05-2022
Time:
23:17