नवीनतम रचनाएँ

प्रकृति अनुपम कृति हैं।
RANJEET KUMAR
प्रकृति अनुपम कृति हैं, यह इसकी पहचान है। कहीं पेड़ों की छांव में, पक्षी बैठे शान्त से कहीं अपनी चोंच खोले, ध्वनि कर
37661
Date:
24-05-2022
Time:
23:45
मत खोल निगाहें ओ रब्बा,
Karuna bharti
मत खोल निगाहें ओ रब्बा, देखने को जी नही है चाहता ना हो दोबारा मनुष्य मे जन्म, ये संसार है बुराईयो का मारा
37679
Date:
24-05-2022
Time:
23:18
समाज
Rasika Verma
ये समाज एक तेज तलवार है इसमें जीत भी हार है। इंसानियत तो अब कही है ही नहीं हर तरफ बस लोगों में तकरार है ये लोग जो है
37661
Date:
24-05-2022
Time:
23:10
शीर्षक (पिता)
SACHIN KUMAR SONKER
शीर्षक (पिता) मेरे अल्फ़ाज़ सचिन कुमार सोनकर माँ का प्यार तो तुमको याद रहा। क्या पिता का प्यार तुम भूल गये। एक पिता क
37676
Date:
24-05-2022
Time:
23:32
शायरी
अभिषेक मिश्रा
शहर की आबोहवा में ,कुछ इस कदर परिवर्तन होने लगे हैं हुजूर ! खंडहर भी बयां करने लगे हैं, कि इमारत भी क्या शानदार थी।।
37684
Date:
24-05-2022
Time:
23:55
गिरधर गोपाल
Kedaramin
जय श्री राधेकृष्ण पेज-1. , ,,गिरधर ,, लेखक- केदार अमीन , (log line) भगवान् श्री राधा कृष्ण के भक्त की बनती बि
36930
Date:
24-05-2022
Time:
23:33
पीने दे
Vipin Bansal
मत रोक मुझे तू पीने दे कुछ दिन और जीने दे. मत रोक मुझे तू पीने दे. इतनी पिला दे मु
36928
Date:
24-05-2022
Time:
23:39
तेरे संग मेरे यारा
Manju Bala
लिखती और गुनगुनाती जा रही हूँ हसीन कहानियाँ तेरे संग मेरे यारा याद आ रहे हैं वह पल जब दुल्हन बनाई थी घर संग तेरे मे
36971
Date:
24-05-2022
Time:
22:44
प्यार
Swami Ganganiya
सच्चा प्यार दिखाया नही जाता। सच्चा प्यार बताया नही जाता। हे दिल में जो उसे छुपाया नही जाता। हे मुश्किल उसे समझना
23878
Date:
24-05-2022
Time:
23:57
सादगी
Swami Ganganiya
एक बार एक व्यक्ति ने मुझसे कहा कि चलाकी जरूरी है। चालाक बनो सीधे-साधे रहोगे क्या मिलेगा। कुछ ना मिलेगा पर वह यह ना ज
36997
Date:
24-05-2022
Time:
22:29
वस्ल
Ritu
ये खिजां का महीना अबके लम्बा चलेगा उन्होने वस्ल की तारिख बढ़ा दी है।।
36979
Date:
24-05-2022
Time:
23:57
जीवन- संध्या
Santosh kumar koli
सही- गलत, गर्हित , सहल हो लिए साथ। मूसलधार हो रही, छल-छंद की बरसात। कठिनाइयां कह रही, तू डाल मैं पात। अवसर तुझसे कह रहे
1524
Date:
24-05-2022
Time:
23:43